Uttar Pradesh की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन बारे में जाने


 

(पब्लिक लाइव मीडिया संवाददाता)


लखनऊ। Uttar Pradesh की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन के गांधी सभागर में राजभवन के 32 महिलाओं एवं बालिकाओं को आस्मा हुसैन इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलॉजी द्वारा दी गयी स्किल डेवलेपमेंट ट्रेनिंग चिकनकारी एवं ड्रेस मेकिंग प्रशिक्षण की समाप्ति पर बच्चों को प्रमाण- पत्र तथा सिलाई मशीन प्रदान की। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने बताया कि राजभवन में चिकनकारी की ट्रेनिंग के लिए राज्य सरकार व उद्यमिता विकास संस्थान के सहयोग से तीन माह का प्रशिक्षण शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि हर बच्चे की कुछ न कुछ सीखने की इच्छा होती है। राजभवन के बच्चों की इच्छापूर्ति का माध्यम राजभवन बना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने


महिलाओं की स्थिति बहुत ही दयनीय थी लेकिन अब साक्षरता बढ़ने से तेजी से बदलाव आ रहा है। महिलाओं में स्वावलंबन की भावना जगी है, इसमें स्वयं सहायता समूह अभियान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नयी शिक्षा नीति में भी कक्षा 6 से हुनर सीखने की व्यवस्था है। इससे आगे चलकर बच्चों के जीवन में क्रान्तिकारी बदलाव एवं आत्म विश्वास आयेगा। उत्तर प्रदेश के एम०एस०एम०३० विभाग के मंत्री श्री सिद्धार्थ सिंह जी ने कहा कि इस प्रकार के प्रोत्साहन वाले कार्यों से बच्चों में जागरूकता होती है। यह एक सामाजिक चिंतन प्रक्रिया का प्राकट्य है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर घर पर न बैठें। बल्कि अपने हुनर को और निखारें तथा स्वरोजगार के लिये उत्तर प्रदेश सरकार की वित्त पोषण योजनाओं


पटेल


का लाभ लें। उन्होंने कहा कि सरकार आप सभी को ब्रांडिंग पैकेजिंग तथा विपणन की सुविधा देगी । उचित होगा कि आप सभी महिला समूहों के माध्यम से आगे बढ़े, स्वयं महिलाएं स्वावलंबी बनें तथा अन्य को भी रोजगार दें सकी ।


उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्राम पंचायत स्तर पर उद्यमी पैदा हों। सरकार उन्हें प्रशिक्षण देकर अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास करेगी। एम०एस०एम० इ० के अपर मुख्य सचिव श्री नवनीत सहगल जी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से महिलायें सक्षम बनने काबिल के साथ-साथ उनका आत्म विश्वास बढ़ता है तथा परिवार की आमदनी बढ़ाने में सहायक बनती हैं। उन्होंने कहा कि ओ०डी०ओ०पी० कार्यक्रम का उद्देश्य है कि परम्परागत उद्योग एवं उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाये।


से बच्चों का उत्साहवर्द्धन तो हुआ ही है इसके साथ ही वे रचनात्मक दिशा में भी अब और आगे बढ़ने का काम करेंगे। राज्यपाल ने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर घर में न बैठें बल्कि बाजार की मांग के अनुसार नयी डिजाइन के गुणवत्तायुक्त परिधान तैयार करें। ऐसा करने से उनकी आमदनी बढ़ेगी तथा वे आत्मनिर्भर होंगी। उन्होंने कहा कि आप सभी को कम्प्यूटर पर नवीनतम डिजाइन तैयार करने का भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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